Sunday, May 2, 2021

Motivation Poem for Bad Times

 हार हे तो हार को हार कर चल,

हार हे तो हार का हार बना कर चल,

हार हे तो हार पर हुहुँकार का वार कर | 

 

जीत कब तक पीठ दिखायगी ?

जीत कब तक मुँह मोड़ेगी ?

जीत कब तक पीछा छोड़ेगी ?


मौसम एक नही होता,

रंग एक नही होता,

पल एक नहीं होता | 


रात मे दिन का इंतज़ार कर,

अपने को ओर बलवान कर,

हर पल ईश्वर का जाप कर | 


शौर्य हे तो हिमालय पर चढ़, 

शौर्य हे तो माई का लाल बन, 

उसके दूध का उधार पूरा कर | 


गिर चूका हे तो कया,

आकाश का धायन कर,

हार की बेड़ी तोड़, तू विजयी बन |  


हार हे तो हार को हार कर चल,

हार हे तो हार का हार बना कर चल,

हार हे तो हार पर हुहुँकार का वार कर |


हार की हार का हाहाकार कर ..